लड्डू गोपाल को जगाने का मंत्र
लड्डू गोपाल कृष्ण भगवान का शिशु रूप है और जैसा भगवान का रूप होता है, वैसा ही उनका स्वभाव भी होता है। इसलिए, इस रूप में भगवान का शिशु भाव रहता है और आप उनको छोटे बच्चे की तरह जितना …
लड्डू गोपाल कृष्ण भगवान का शिशु रूप है और जैसा भगवान का रूप होता है, वैसा ही उनका स्वभाव भी होता है। इसलिए, इस रूप में भगवान का शिशु भाव रहता है और आप उनको छोटे बच्चे की तरह जितना …
समय ने करवट ली और हमारी आपकी ज़िंदगियों में आ गया व्हाट्सऐप, जो अपने साथ लाया है ना केवल मित्रों और सगे सम्बन्धियों के साथ चैट करने और इमेज, वीडियो इत्यादि शेयर करने की सुविधा बल्कि कमाने के मौके भी। …
क्या आपको मालूम है कि जब आप ‘ॐ नमः शिवाय’ बोलते हैं तो आप पूरे ब्रम्हांड में सबसे पहले उत्पन्न होने वाले और प्राकृतिक रूप से चारों ओर गूँजने वाले अलौकिक स्वर या अनाहत नाद (जिसे ध्यान की उच्च अवस्था …
नया ज़माना लाया है पैसे कमाने के नए-नए तरीके और इनमें अब शामिल हो गया है मोबाइल ऐप से पैसे कमाने का तरीका। सबसे अच्छी बात ये है कि मोबाइल ऐप से कमाने में जात-पात, पुरुष-स्त्री या अमीर-ग़रीब का कोई …
घर के दूसरे कमरों को सजाने की तरह घर के मंदिर वाले रूम को सजाने के लिए भी आप वास्तु शास्त्र की मदद ले सकते हैं, जिसका ज्ञान हमारे भारत देश में आसानी से सुलभ है। वैसे, आपका पूजा कमरा …
बिज़नेस करना आज के दौर की ज़रूरत है। यदि आप अपना ज्ञान और अपना समय दूसरों के लिए नौकरी करने की बजाय स्वयं अपने लिए लगाएं तो इससे अच्छी बात और क्या हो सकती है, तो क्या आप भी बनना …
आज के समय में जहां नयी-नयी तरह की बीमारियाँ और मुश्किलें इंसान के सामने आई हैं, तो वहीं नए-नए तरीके के कमाई के साधन भी सामने आए हैं। उन्हीं तरीकों में से एक है वेबसाइट (website) के माध्यम से पैसे …
हिन्दू धर्म में शुभ मुहूर्त या विशेष शुभ घड़ी का बड़ा महत्त्व है और ऐसा ही एक विशेष मुहूर्त होता है दीपावली का पर्व। ध्यान रखें कि पूजन का तो महत्त्व है ही, परंतु दीपावली के मौके पर उतना ही …
वैसे तो पूजा करने में भक्ति भावना प्रधान है, ना कि दिशा, क्योंकि भगवान तो भाव के भूखे हैं। ऐसा होने पर भी, हम और आप कोई भी कार्य सही दिशा में करने के महत्त्व को नकार नहीं सकते। ऐसा …
भगवान की फोटो किस दिशा में लगाएं, इसके लिए समय की कसौटी पर खरे उतरे हिन्दू धर्म के प्राचीन शास्त्रों के सिद्धांतों का पालन करना उचित रहेगा। वैसे तो ईश्वर का स्मरण कभी भी और कहीं भी बैठकर कर सकते …